बाबुओं द्वारा भारतीय रिज़र्व बैंक(आर.बी.आई) में- पेंशन अपडेशन से इन्कार क्यो!

1. केंद्र सरकार में 40 लाख से अधिक पेंशनरों को वेतन आयोग के हर संशोधन पर, पेंशन को नियमित समय बिना किसी रूकावट के अपडेट किया जाता है.

2 भारत में सभी राज्य सरकारें, जो दिवालियापन के कगार पर पहुँचने के लिए अग्रसर हैं, और जिनमें से ज्यादातर भारतीय रिजर्व बैंक और केन्द्रीय सरकार से खैरात पर निर्भर हैं, हर वेतन संशोधन पर अपने लाखों कर्मचारियों की पेंशन को अपडेट करतीं है.

3 पेंशन अपडेशन,नियमित रूप से भारत सरकार के लगभग सभी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में किया जाता है.

4. तो क्यों मुट्ठीभर आरबीआई पेंशनरों की पेंशन के अपडेशन को अति तकनीकी कानूनी मुदे पर वित्त मंत्रालय में स्थित बाबुओं द्वारा पिछले १० वर्षो से वंचित किया जा रहा है?

जबकि,भारतीय रिजर्व बैंक ने पेंशनरों के लिए अरबों में अपनी पेंशन फंड का प्रबंधन किया हुआ है !

 लाचार आरबीआई पेंशनरों को, फुफकारते नागरुपी बाबुओं द्वारा घेर लिया गया है. और   कई पेंशनर तो इस सर्पदंश के कारण अपडेशन का  इंतजार करते, परलोक सिधार चुके है.

5.बुद्धिमता केवल “फाल्ट लाइन्स’ की भविष्यवाणी करने में निहित नहीं, बल्कि प्रणाली में परपीड़क व्यक्तियों के द्वारा स्पष्टता जबरदस्ती ठोकी गयी “फाल्ट लाइन्स” की फिक्सिंग में है| रिजर्व बैंक के नये गवर्नर रघुराम राजन इन नागों का वशीकरण करने में कहाँ तक सक्षम हो सकते है, यह देखना अभी बाकी है|

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